एक सवाल आया आज मन मे, बहुत सोचा भी उस बारे मे
पर कुछ समझ ना आया,
राधा-कृष्ण, शिवशक्ति, सीता-राम जिनके प्यार को पूजा सारे जहां ने
फिर क्यों, मेरा ही प्यार गलत ठेहरा दिया?
गलत होता अगर प्यार करना, तो क्या कभी भगवान ने किया होता?
कुछ बुरा होता है तो किस्मत का नाम देकर शांत करा दिया जाता है......यह बोलकर कि लिखा था किस्मत में...
फिर क्यु मेरे प्यार को किस्मत का नाम देकर स्वीकारा नहीं जाता?
~anushka sharma
©anushka09
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