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End of an era (part-1)

चलो बहुत देर हुआ रुके हुए इस मोड़ पर
किसी एक रास्ते को तो अपनाना ही होगा
कुछ पाने के लिए कुछ पिछे छोड़ कर भी जाना होगा
अब अच्छा हो या बुरा हकीकत को अपनाना ही होगा
गमों को गले लगा झूठ ही मुस्कुराना होगा
हाँ सोचा नहीं था कभी यूँ इस तरह से अपनों का जाना होगा
©Arpita Rai