जिस शख्श का इंतजार मैं करती हूं
वह कभी आता ही नहीं
केहना तो बहूत कुछ चाहतीं हूं
पर जब वो सामने आता है
मूंह से कुछ कंहा जाता ही नही
भुलना चाहती हूं उसे पर
वह है कि
मेरी यादो से जाता ही नहीं
हजार बार केहती हूं उसे
सोजा सोजा पर वह रातों मे
सोता ही नहीं
कोशीष तो बहूत करती हू
उसे हसानें कि
पर वह है कि, मुस्कूराता हीं नहीं
मेरी वजह से उसका यह हाल है
यह जानकर दिल को मेरे
चैन आता ही नहीं
©cute_pihu
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