Y

gaur se dekha....

आँखों मे आँसुओं की लकीर बन गई,
जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई,
हमने तो सिर्फ रेत में उँगलियाँ घुमाई थीं,
गौर से देखा तो आप की तस्वीर बन गई!..
©rohittiwar