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गीता में अध्याय जोड़ दो-4

पांचजन्य का शंखनाद कर,
जन जागृति के तीर चलाओ,
धारण कर लो शक्ति धैर्य की ,
खड्ग अहिंसा को अपनाओ,
बाँधो ढाल नम्रता की तुम,
क्षमा दुधारी से सज जाओ ,
पहनो विनय क्षमा माला तुम,
नूतन रणभेरी बजवाओ ,
फिर गांडीव उठा लो अर्जुन !,
युद्ध प्रेम की ओर मोड़ दो ।
गीता में अध्याय जोड़ दो ।।
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©vikasgarg