कभी भी मत गिराओ किसी को अपनी नजर से
बच न पाया कोई है इस नजर के हसीं खंजर से
तेरी गलियों से मेरा रिश्ता पुराना है
क्ई साल से इनमें मेरा आना जाना है
लोग कहते देखकर आशिक पुराना है
आसमां जब भी तेरी खूबसूरती देखता है
दिल मेरा संग संग धरती का भी पसीजता है
ये बला की शोखियां रंगत चमन के फूल की
तीर होता पार जिगर के नजरों के दो शूल की
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