जब जब मैंने तुझको देखा,
तुझमे मेने खुदको पाया।
तेरे हर हसी से,पायी है खुशी,
तेरे हर गम में, दिल तु कितना रोया,
बादलों के घेरोसे से,तुझमे हमनें खुदको खोया।
वक्त का है ये केसा फैसला,गम का हो जेसे पेहरा,
हर तरफ सन्नाटा छाया,बादलों ने है जाल बिछाया,
इधर से कुछ को,उधर से कुछ को,
अपने गिरफ्त में ले लिया।
©poojathole
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