गणित का संसार
आओ करें एक विचार
विषय हो गणित का संसार
रची जिससे दुनिया सारी
गणितज्ञ थे रचनाकार
भूल बैठा वह इंसान
गणितज्ञ समझा खुद को
चींटी कीट और पक्षी सब
गणितज्ञ थे आज
आओ बताऊं गणित का सार
इसमें है बुद्धि अपार
गणित में बस मेरा योगदान
भूले गणित को हम आज
सीखे चिड़िया से आज
गणित का नया राज
रामानुजन खोजी एक
औजार था कल्पना एक
अनोखा था नियम एक
जिसमें हो बुद्धि विवेक
प्रभु की बस एक बढ़ाई
उसने ही गणित बनाई
गिनना हो तो
वर्गमूल के ऋण एक से
योगदान गणित का बस इतना
जिससे रची बसी यह दुनिया
©vinay1001
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