K

गफलत

कतरा-कतरा नफ़रतें, दिलों में समाई
ये इश्क़ आज भी पाक है मेरा
कल जितना
तकलीफ़ है सिर्फ इतनी की
ये जुबां कह न पाई
©king_s_god