गर तुम भुला दोगे तो क्या हो सकता है..
एक नकारात्मक...एक सकारात्मक परिवर्तन
प्रदर्शित करने की मेरी कोशिश
नकारात्मक....
गर तुम भुला दोगे..
तो सपने टूट कर जाएंगे बिखर
दुनियां की हलचलों से हो जाऊं बेखबर
किस बात की परवाह किस का फिकर
न मेरा वजूद रहेगा न मेरा कोई जिकर
सकारात्मक....
गर तुम भुला दोगे...
शायद न्ई दुनियां का आगाज होगा
इस परिंदे का नया परवाज होगा
मेरी संगीत गीत का नया अंदाज होगा
आसमान पर अपना भी राज होगा...
©abhidilse
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