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गुज़र

तू ये मत सोच के तेरे बाद
मेरी गुज़र न होगी...
मान लिया अब उतने सुकून से
बसर न होगी....
मेरे से अच्छा...
अच्छे से अच्छा ढूँढ ले रकीब
पर.
ऐसा तो कोई नहीं जिसमें कोई
कसर न होगी.....
©akkshat28