ईश्वर की महिमा का साया
मानव जीवन में गुरु बनकर आया
निश्चल भाव है जिनके भीतर समाया
जिनके भीतर है सरलता की काया
ज्ञान का घूंट जिन्होंने खुद को है पिलाया
भटके हुए राही को राह दिखाना ,
कर्तव्य है जिन्होंने अपना बनाया
मोह माया से लिपटे जाल को ,
पार करने का गुरु जिसने है सिखाया
मन की अंधियारी गलियों में,
उजारे का दीपक है जिसमें जलाया
जिनको परिचय सुनाते हुए ,
हमारे मन में कृतज्ञता का भाव भर आया
जिन्होंने अपने ज्ञान ज्ञान का तिलक,
हमारे मस्तक पर सजाया
उन्हीं का व्यक्तित्व संसार में गुरु कहलाया
आज अपने भाव लिखते हुए,
उनका उद्धार व्यक्तित्व हमे,
अपनी आंखों में नजर आया.....
©myemotions
M