A anusingh en July 23, 2025 गुरु गुरु जलते हुए चिराग के भातिं हैं जो इस प्रकाश से प्रकाशित कर ले खुद को उसमे अंधेरे के आस्तित्व का कोई वजूद ही नहीं।©anusingh