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गुस्ताखी क्यों।

एक तरफ दवा तो एक तरफ जहर बांट रहे हैं,
कैसा मंजर है खुदा लोग क्यों कहर बांट रहे हैं।
हकिमी पहले की नहीं कि मरज जड़ से उखाड़ दे,
जानकर भी लोग क्यों अपना किमती सहर बांट रहे हैं।
©anuragrahi