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गुस्ताखियाँ

ऐसी गुस्ताखियाँ हम कर नहीं सकते,
अपनी ही नजरों मे हम गिर नहीं सकते,
हमारे घर पर भी दहलीजे हैं ।
बिना इदायत किसी के हम, देख भी नहीं सकते ,
माना कि परी ,लाडली ,.किसी का मान हो तुम,
पर तेरे बिना रह भी नहीं सकते ।
©sandeepgup