N Namrat@ en July 23, 2025 हालात हालात इतने अलग हो गएहकीकत हलक से उतरती नहींसमंदर भी अब प्यासा हो गयानदिया सीधी बहती नहींधुंध में नज़ारा धुंधला इतनासूरज भी पूरा दिखता नहींमैं आग में इतना जल चुकी हूंअब पानी से भी बुझती नहीं©namrata05