हालात बदल तो नहीं जाते तकलीफ़े बताने से
मगर रिश्ते सुधर जरुर जाते हैं आने जाने से।
मेरे किस्मत में ही नहीं लिखा पाना किसी का प्यार
अब क्या गिले-शिकवे करूं इस जमाने से।
शिखर पर खड़े होकर तो देख ली पुरी दुनिया
बाज़ आ गया हूं किसी का कर्ज चुकाने से।
किसी की याद न सताए अब ग़म न हो किसी का
चलो आज घुम आए फिर मयखाने से।
हमने माना सनम ये प्यार मेरा इकतरफ़ा ही रहा
मगर बहुत फर्क पड़ता है मुझे आपके रूठ जाने से।
©anuragrahi
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