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हाँ मेरी आँखों का ख़वाब हो बस तुम

हाँ मेरी आँखों का ख़वाब हो बस तुम
मेरे हर सवाल का जवाब हो बस तुम
यूँ तो देखे हसीन चेहरे लाखों
दिल का मग़र इंतिखाब हो बस तुम
खामियाँ हैं कुछ ना कुछ यहाँ सब में
हर अदा में तो ला-जवाब हो बस तुम
चाह तो ये भी है मेरी कि बारिश में
एक कप चाय और साथ हो बस तुम
माना हेमन्त चाह हम भी रखते हैं
सब दिलों के मग़र नवाब हो बस तुम
©kaliramana