हार गए वो,
जिसने प्यार की हद ठहराई।
मासूम बच्चो के लिए अमृत धारा,
ममता के कारण छलकाई,
पशु प्राणि सब में एक रशम बनाई,
हार गए वो.............................
प्रभु ने अदभूत सृष्टि रखाई,
पैड पौधे पक्षी की गूँज पाई,
नर के लिए नारी सहचरिणी कहलाई।
हार गए वो................................
"संकेत " जीवन अनमोल हैं भाई,
जी भरके जीने मे सबकी भलाई,
युग -युग से एक ही गवाही।
हार गए वो.........................
डाँ. माला चुडासमा "संकेत "
©dr.mala
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