Y your_rohit en July 23, 2025 हारा हुआ बाग़ी जैसे बगावत छोड़ता है , कोई ख़ुदा से नाराज़ जैसे इबादत… हारा हुआ बाग़ी जैसे बगावत छोड़ता है , कोई ख़ुदा से नाराज़ जैसे इबादत छोड़ता है , उसने छोड़ा है कुछ इस तरह से मुझको , जिस तरह से कोई बुरी आदत छोड़ता है ।©your_rohit