Y

हारा हुआ बाग़ी जैसे बगावत छोड़ता है , कोई ख़ुदा से नाराज़ जैसे इबादत…

हारा हुआ बाग़ी जैसे बगावत छोड़ता है ,
कोई ख़ुदा से नाराज़ जैसे इबादत छोड़ता है ,
उसने छोड़ा है कुछ इस तरह से मुझको ,
जिस तरह से कोई बुरी आदत छोड़ता है ।
©your_rohit