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Happy Holi

कोई प्रीत के नशे में डूबा,
किसी ने भी रखी है भंग।
अरे, देखो कितनी मस्ती में,
नाच रहे सब मस्त - मलंग।
बजा रहे हैं सब ढोलक-ताशे,
किसी के हाथ में सजी मृदंग।
फ़ागुन आयो, मस्ती लायो,
गाते धमाल सब लेकर चंग।
अबीर-गुलाल से सराबोर,
दसों दिशा में बिखरे रंग।
मस्तों की टोली है होली,
कितना मचा रहे हुड़दंग।
अरे, अपने रंग में रंगने को,
सबमें छिड़ी है मीठी जंग।
पहचान किसी की अब मुश्क़िल,
इस क़दर है बिगड़ा सबका ढंग।
नटखट फ़ागुन कर रहा है,
अन्तर्मन को कितना तंग।
मन हो रहा समन्दर मेरा,
धड़कनें जैसे बनी तरंग।
प्रिय संग होली खेलने को,
दिल में मची अद्भुत उमंग।
दिल ये चाहे उडूँ गगन में,
बिना डोर की बनूँ पतंग।
स्नेह - प्रेम की बौछारों में,
आज लगा लें सबको अंग।
मिल-जुल कर मनाएं होली,
सब अपनों को लेकर संग।
✍️महेश कुमार 'मैडी'✍️
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