❤चलो माना जिन्दगी मे रात आयी है
तभी कुछ लिखने की बात आयी है..!
❤हार के बैठना या वापिस उठ के चलना
तेरे हौंसले पे बन्दे अब बात आयी है..!
❤दस्तूर ही रहा है ऐसा कुछ ज़माने का
कौन सी सुबह बिन रात आयी है..!
❤चलो फिर से कोशिश करें इक दफा
फिर से हाथों मे कमान आयी है..!
❤रकीब है ज़माना भी, तेरी चाहने वाली भी
मसाइब तो हर मन्ज़र के बाद आयी है..!
❤वाकिफ़ हो जाये खुदा भी तेरी हिम्मत से
सजदे पे कहे उपर तक आवाज़ आयी है..!
❤मंज़िल पाने का कुछ मज़ा भी तभी है
कि जब लगे शिकस्तों बाद आयी है..!
©riyajangra
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