के अपनी जीन्दगी की तस्वीर मैं यूँ ही तेरे लिए लिख जाऊंगा,
झुठा ही सही तू साथ हूँ तेरे तो बोल, मैं यूं ही सस्ते में बिक जाऊंगा
तुम दूर क्या जाओगे हम खुद को थका देंगे अश्को को पोंछ्ते पोंछ्ते,
बहुत ही हंसी पलो के लिये है ये आंसू ,वो भी बहा देंगे तुझी को सोचते सोचते ।
©pkpranay
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