V

हज़ारों ग़ज़ल लिख गया

उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उन्हें खूबसूरती का बेपनाह ताज कह गया,
संगमरमर से खूबसूरत है हुस्न जिनका,
उनके हुस्न को अजंता की मूरत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उनके जिस्म की खुश्बू मेरी रूह में बस गयी,
उनकी प्यारी छवि मेरे दिल में उतर गयी,
पायल छनकती आई वो इस दिल में,
उनकी पायल की चमचम को
सुरों से सजा कोई गीत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
🌹🌹🌹
©vikasgarg