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हकीकते कोविड

जब चली कोविड हवा जब न मिली कोविड दवा
ट्रंप बोले ये क्या हुआ चीन मुस्कुराये।
आइसोलेशन की ये सुविधा चाहे कितनी हो बड़ी।
बिन बैकसीन कुछ नहीं - 2
क्या पता चलता हमें आज भूले से कहीं
हम भी आ जाते यही।
ये हॉस्पिटल ये दशा देखकर ओ मेहरबां
जाने क्या दिल को हुआ और भी घबराये
जब चली कोविड हवा......................
ये लाशें ये कब्रां और फिर इतने बेढंगा
हाय रे ये हस्तियां
ऐसा लगता है मुझे जैसे मौत नजदीक हो
इस चमन से दिल भरा - 2
सुन के चौदह दिन सजा दिल धड़कता है मेरा
आज पहले से कई गुना
कुछ समझ न आये।।
जब चली कोविड हवा..................... ।।
रचना गोयल
5-5-2020
©rachna123