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हम आपके लिए खुबसूरत सेहरा सजाऐंगे।

हम आपके लिए खुबसूरत सेहरा सजाऐंगे
बुलाओगी निकाह में तो हम जरूर आऐंगे।
आपका ऐसे रूठना मुझे तार तार कर गया
कब तक इस बेचैन दिल को तसल्ली दिलाएंगे।
मेरे उम्मीद मेरे अरमां पर चल गया ऐसा नश्तर
चाह कर भी हम अब जिंदा नहीं रह पाएंगे।
सलामत रहे तेरी दुनिया खुश रहो तुम हमेशा
तेरी रूखसती के बाद हम गहरी नींद में सो जाऐंगे।
मजहबी लोगों ने दिखा दिया तुझे मजहब का रास्ता
अब ये दो दिल फिर कहाँ कभी मिल पाएंगे।
जिंदगी में कभी महसूस हो तुझे उदासी का सबब
हमें तुम याद करना हम कब्र से भी लौट आऐंगे।
तुझे ये खत लिखते लिखते बहुत रात हो चली है
बंद करते हैं नहीं तो जागते जागते फिर सुबह हो जाएंगे।
©anuragrahi