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हम भी कहाँ अब होश में हैं... 💔🥀🥀

आज वो किसी और के आगोश में हैं
हम भी कहाँ अब होश में हैं
तप रहें दो दिल वहाँ जिस्मों जोश में हैं
अब मोहब्बतें कहाँ उस एहसान फरामोश में हैं
टूट कर बिखर जाएंगे आज वो वहाँ
यहाँ तो ज़र्रा - ज़र्रा में तड़प-ओ-रोष से हैं
किस कदर छूआ होगा उन्हें किसी ने
कि अब तो वो मदहोश से हैं
तर्के- ताल्लुक तो ऐसे किया है हमसे
जैसे कोहड़ी से इस भू लोक में हैं
वो तो खिल उठे हैं हमसे जुदा होकर भी
हम पल- पल मुरझा रहें शोंक से हैं
©deeprichu