हर मौसम में हम दोनों मिलते रहे,
सावन में दोनों का प्रेम खिलता रहे,
हर जन्म में हमारा प्रेम यू ही बढ़ता रहे
एक मकान हाथों से बनता है,
पर एक घर दिलों से बनता है,
तुम किसी चीज के बगैर भी जी सकती हो,
अगर तुम्हारे पास जीने के लिए कोई हो!
पल-पल तरसे थे जिस पल के लिए,
वो पल भी आया कुछ पल के लिए,
सोचा उस पल को रोंक लें,
पर वो पल न रुका एक पल के लिए!
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©vikasgarg
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