हम ये करें, वो करें, ऐसे करें कि वैसे करें
उम्र छोटी है जिंदगी में क्या क्या करें।
आगज करना चाहा कुछ करने को मुहब्बत से
अफसोस हुआ न मुकम्मल अब क्या करें।
करने को तो दिख रहे है बहुत सारे काम
हाथ कोई बंटाता नहीं अकेला हम क्या करें।
आता है जी में दूं जबाव खामोशी का खामोशी से ही
जब न बोलें कोई तो और क्या करें।
किसी ने कह दिया उनसे शहर में है आए लुटेरे
देखकर मुझे ही क्यों है बंद दरवाज़ा किया करें।
बेवफाओं के लिए अब क्या रोना अनुराग
आओ आज से अच्छे दोस्त की तलाश किया करें।
©anuragrahi
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