आज हम हैं कल हमारी यादें होंगी जब हम ना होंगे तब हमारी बातें होंगी ;
कभी पलटोगे जिंदगी के ये पन्ने तब शायद आपकी आंखों से भी बरसातें होंगी ;
तुम आज हँसते हो हंस लो मुझ पर ये आज़माइश ना बार-बार होगी;
मैं जानता हूं मुझे ख़बर है कि कल फ़ज़ा ख़ुशगवार होगी;
रहे मोहब्बत में ज़िन्दगी भर, रहेगी ये कशमकश बराबर;
ना तुमको कुर्बत में जीत होगी ना मुझको फुर्कत में हार होगी;
हज़ार उल्फ़त सताए लेकिन मेरे इरादों से है ये मुमकिन;
कि कल हम हो ना हो, लेकिन आपके पास हमारी यादें जरूर होंगी ll01ll
संकलन और संशोधन
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CP@AKP.
19dec.2020
©poemearth
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