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हमदम

इश्क़ को न कर बदनाम कि ज़ालिम ज़माना हो जाए
है यह ख़ुदा की देन जिससे जीवन सुहाना हो जाए
मिले मुझे ऐसी कोई हमदम
जिसे देखकर ख़ुदा भी दीवाना हो जाए
©soham