हमें भी किसी का अब इंतज़ार रहता है
होंठों पे हंसी और दिल में प्यार रहता है।
अब हमेशा देखने की उनकी चांद सी सूरत
जेहन में एक जुनूँ सा सवार रहता है।
जो कभी था सुस्त हमसे नाखुश दिल
अब संजोए प्यार का इजहार रहता है।
जब कभी भी मिले गर उनसे मिलने का मौका
गुस्ताखीयों के इकरार को बेकरार रहता है।
न जाने ऐसे क्यों हो गए हालात दिल के
क्या-क्या सोंचता दिन-रात बार बार रहता है।
इस कदर कुछ गम में मायुस है अनुराग
जानता सब हैं मगर लाचार रहता है।
©anuragrahi
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