Y your_rohit en July 23, 2025 hmsha koi.... "जहाँ खामोश फिजा थी, साया भी न था;हमसा कोई किस जुर्म में आया भी न था!न जाने क्यों छिनी गई हमसे हंसी;हमने तो किसी का दिल दुखाया भी न था!"©rohittiwar