मुद्दतो बाद किसी ने मेरा हाथ थामा हैं,
मैंने भी उसके साथ चलने का पैग़ाम ठाना हैं ।
बड़ी फिक्र रहती हैं हमारी उसको ,अब ,मैंने ये जाना हैं उसने सुलाया जबसे अपनी गोदी पर ,
मैंने जीने का अंदाज जाना हैं ।
उसके दिल से वाकिब हो गया हूं मै भी अब ,
मैंने उसको अपना जीवन साथी जो माना है
©sandeepgup
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