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हमसफ़र

एक खूबसूरत एहसास हो रहा है
वो हमारे और करीब हो रहा है
मांगी थी हमने चंद खुशियां उनसे
वो हमारा सारा जहां हो रहा है
रस्मो से नहीं हैं हमारा कोई सरोकार
वो हमारे लिए रस्मो से ऊपर हो रहा है
अधूरे ज्जबात
©shyara