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होली है.....

प्रीत मीत गीत अति मनभावन
फागुन रास रंग लगे सोहावन
शीत ग्रीष्म का मेल लुभावन
हरषित मन मास अति पावन
झांझ मृदंग सितार रस वादन
झहरत प्रेम सबहि उर नयन
बरसत...रंग गुलाल घर ..आंगन
व्याकुल मन विरहन बिन साजन
रंग विरंगा विहसित सब है आनन
नाच रहा सुर ताल में कैसे वृंदावन
बरसे प्रेम रस धारा जैसे रंगीलो सावन
होली आनन्दातिरेक क्या करूं मैं वाचन
©abhidilse