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हक़ीक़त।।।।।

बख्त से मिलता है,
मुक़द्दस इश्क़
हुस्न के तकब्बुर में,
सो लाख हैं।
इल्म के नशे में,
चूर हैं कई,
तो किसी को,
शौहरतों से इखलास है।
तलब है किसी को,
दौलत की,
तो किसी को,
अमीरी की पियास है।।।।।

©deeprichu