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हर त्योहार जिवन मे,कई खुशीयां लाते हैं

Entry 1.
हर त्योहार जिवन मे,कई खुशीयां लाते हैं
खुशीयों का जो अंबार लगाएं,वह रक्षा बंधन मनाते है।।
सालों सालों बाद एक बहना, भैया से मिलने जाते हैं
कई खुशीयां मिलते ही आपस मे,बांट लेते हैं।।
यह अनुपम छन वर्ष में एक बार हर्षाते हैं
फिर बिछने के बाद न जाने कब मिल पाते हैं।।
Entry 2.
हमारे पुर्वज, हमारे समाज न जाने यह सब कैसे सजाएं थे
एक एक त्योहार विशिष्ट गुण धर्म अलख जगाने आंते हैं।।
अपना अपना विषेषता व रहस्य-मइ रूप आश्चर्य चकित कर जाते हैं
पुर्वज का त्याग तपस्या त्योहार हमें एक कतार में बैठाते है।।
न जाने वह इसे कितने सोध व समाधान के बाद सजाए थे
समय समश्या कालखंड सब का समाधान इसमें समाए हैं।।
नाम :- संदीप कुमार
पता :- दियारी (मजगामा)
जिला :- अररिया (बिहार)
फोन नं :- 7549995604
जीमेल :- jisandeepkmandal@gmail.com
©sandeepku