पंचतत्व का एक तत्व है हवा,
नजर के सामने रहकर भी अदृश्य है हवा,
फूलों की सुगंध फैलाती है हवा,
जल से भरे बादल लाती है हवा,
झूम उठते हैं वृक्ष, जब चलती है हवा,
गर्मी में राहत देती है ठंडी हवा,
हर जीव के अंदर समाहित है हवा,
प्रत्येक जीव, वस्तु के बाहर भी हवा,
जल में भी निवास करती है हवा,
अग्नि में भी रहती है हवा,
पृथ्वी के अंदर बाहर भी हवा,
अगर ना हो हवा, तो क्या करेगा कोई मजा!
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©vikasgarg
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