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इबादत

घुटनों पर बैठकर करते हैं इबादत,
दुआ क़बूल होते ही पीर बदल देते हैं।
जिस्म से खेल कर, मोहब्बत के नाम पर,
मेरे शहर के रांझे, हीर बदल देते है।
©vishnuuu_x