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इच्छा जन्नत की _१

कुछ हसरत पूरी हो जाए
मौत इश्क और जनाजा
सब एक साथ मिले
न में टूटू ख़ुद से
ना इतना मुझको वक्त मिले
जो भी मीले गिले शिकवे
सबका हिसाब एक ही
साथ मिले
जिंदगी जन्नत तो हो नही सकती
कम से कम मौत के
बाद तो जन्नत मिले
©deepakshar