R

इंसान की परख

खुश होना उन जन पर,
जो अंतः विकारों को बाह्य लाता है।
खुश ना होना गुंजन जन पर,
जो सतत ही गुणगान तेरा गाता है।
दिल में सदा रखना उन जन को,
जो कांटो कि सैया नसीब किया।
दिल से दूर रखना उन जन को,
जो प्यार व दुलार से जीवन को अन्धकार किया।
कभी ना भूलना उन जन को,
जो एक नवज्योति का रूप दिया।
भूल ही जाना उन जन को,
जो हर पल साथ रहकर दिल पर प्रहार किया।
हर सांस में जीवित रखना उन जन को,
जो सख्त बन जिंदगी का सही रूप दिया।
हर सांस भुला देना उन जन को,
जीवन को विकारों के अनुरूप किय।
कभी शत्रुता ना मोल लेना उन जन से,
जो मित्र बन हर पल तेरा साथ निभाया है।
शत्रुता मोल हि लेना तो उन जन से,
जो तेरे विकारों से सदा अनभिज्ञ हो आया है।


©raushan