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इंसानियत

इतना नफरत क्यों है, जानवर से इंसान की.
क्यों वे वजह जान ले लेते हैं बेजुबान की.
बचा नहीं इंसानियत, तो तुम कैसे हो इंसान
ले कर जानवर की जान क्या तुम ला पायोगे मुस्कान.
वन जिव प्राणी है पर्यावरण की शान.
ले कर इन सबो कि जान कर रहा है, पर्यावरण को भी नुकसान.
इंसान की नहीं तो इंसानियत की रखो घ्यान.
नहीं तो हो जायेगा इन सबों का जगत से का उठान.
रचनाकार अमरेन्द्र कुमार
©amrendraku