K komalsoni en July 23, 2025 इंतज़ार आज भी ये निगाहे तुम से रुबरु होना चाहती हैकी आज भी ये निगाहे तुम से रुबरु होना चाहती है,पर शायद ये हमारी तकदीर को गवारा नही........ komalsoni✍©komalsoni