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is taqdeer se umeed jyada na kr....

कोई वादा ना कर, कोई इरादा ना कर;
ख्वाहिशों में खुद को आधा ना कर;
ये देगी उतना ही जितना लिख दिया खुदा ने;
इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर।।
जिन्दगी की हर सुबह
कुछ शर्ते लेके आती है।
और जिन्दगी की हर शाम
कुछ तर्जुबे देके जाती है।
❤️
©rohittiwar