S Santosh Kumar rahi en July 23, 2025 इश्क भी एक मजबुरी अपने जवां उम्र की भी कोई विसाल होमैं हूं गर रांझा तो कोई हिर की मिशाल हो।अदब नहीं जमाने में न कोई पुख्ता कानूनकब तलक यूं छुप कर दो दिलों की विसाल हो।©anuragrahi