Y your_rohit en July 23, 2025 इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना, दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो… इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना,दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना।©rohittiwar