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इसरार-ए-मुहब्बत

तुम मुझे अलग कर ही नहीं सकती ये सब मेरा है,
तेरे रातों का निंद मेरा है तेरे दिल का सुकून मेरा है,
तेरे आंखों का संसार मेरा है तेरे होठों का प्यार मेरा है,
तेरा हर सुबह मेरा है तेरा हर शाम मेरा है,
तेरा आज मेरा है तेरा कल मेरा है,
तेरा बदन मेरा है तेरा यौवन मेरा है,
क्यों घमंड करती हो इतना,
तुम मेरी हो येअधिकार मेरा है,
अगर अब भी समझ में नहीं आयी तो
,
देख लें ये गुस्सा मेरा कानुन मेरा है,
जलाकर राख कर दुंगा पुरी दुनिया को,

ये खयालात मेरा ये जुबां मेरा है।
©anuragrahi