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इतना खुशकिस्मत मए कहां....!!

वो मुस्कुराकर मिले तो इश्क़ समझ
बैठे हम,
उनकी उलफत को इज़हार 
समझ बैठे हम,
हमारा नसीब बहुत अच्छा तो नही था,
खुद को उनकी मोहब्बत का हक़दार समझ बैठे हम।
©rohittiwar