इतने खौफ में न रहा किजिए
हम अपने है मशविरा लिया किजिए।
चांद निकला है आप भी आए चांदनी में
हम सफर है तो साथ दिया किजिए।
गम किस बात की है जो सता रही आपको
कभी खुद से भी जुस्तजू किया किजिए।
खुशी हर वक्त कब किसके पाले रहती है
आदत हंसने की हर पल लगा लिया किजिए।
आरजू ख्वाहिश पुरे नहीं हुए जमाने में
इस कसक में युंही न जिया किजिए।
अनुराग भी ऐसे ही तमन्नाओं का मारा है
देखकर एक दुजे को हम दोनों मुस्कुराया किजिए।
©anuragrahi
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